गूगल एक ऐसी टेक्नोलॉजी यूज करता है एडवर्टाइजमेंट शो करने के लिए जो वेबसाइट के ऑनर्स के लिए काफी फायदेमंद है.

गूगल एंड टारगेटेड एड्स को भी बहुत अच्छे तरीके से यूज करता है.
गूगल की ऐड एरिया के हिसाब से शो होती है. अगर कोई इंडिया का विजिटर है तो उसके लिए आमतौर पर इंडिया की ऐड खींचो होंगी. दोस्तों यह काफी पावरफुल तरीका है. जो लोग अपनी वेबसाइट पर टारगेटेड ट्रैफिक गूगल एड्स के द्वारा लाना चाहते हैं वह उनके लिए गूगल ने प्रोग्राम ला रखा है जोकि गूगल एडवर्ड्स के बारे में जाना जाता है.

ऐडसेंस एक बहुत अच्छा वन ऑफ द पावरफुल प्रोग्राम है एडवर्टाइजमेंट का. इसकी पापुलैरिटी का अंदाजा आप लगा सकते हैं कि सबसे ज्यादा यूजर्स जोकि एडवरटाइजर्स या फिर पब्लिशर्स है उस सबसे ज्यादा गूगल ऐडसेंस के नाम पर ही मौजूद हैं. ऐडसेंस एक बहुत पॉपुलर तरीका है जोकि स्पेशलाइज है ऐड और बैनर्स को क्रिएट करने में. दोस्तों अगर आप छोटी ऐड से लगाना चाहते हैं तो वह भी आप लगा सकते हैं.
badi ads लगाना चाहते हैं तो अब वह भी लगा सकते हैं.isko कहते हैं साइजेस.
गूगल ऐडसेंस में इतने सारे पॉपुलर साइजेस हैं जो कि हर वेबसाइट के लिए फिट हो ही जाते हैं. यह भी एक कारण है गूगल ऐडसेंस के ज्यादा यूजर्स होने का. कई बार गूगल रेस्पॉन्सिव एड्स शो करता है

गूगल रेस्पॉन्सिव एड्स का मतलब है कि वह एड्स को शो करेगा डिवाइस के हिसाब से. अगर कोई मोबाइल से आपकी वेबसाइट को खोलता है तो गूगल अपने आप ही साइज को फिट कर देगा.
गूगल साथ ही में ऑटो ऐड्स का भी ऑप्शन देता है.

इसके लिए आपको बस गूगल ऐडसेंस का दिया वह कोड आपकी वेबसाइट पर लगाना है. और गूगल अपने हिसाब से आपकी वेबसाइट पर ऐड शो करेगा. जाने की ऑटो ऑप्टिमाइज. बहुत सारी वेबसाइट ऐडसेंस यूज करती हैं अपनी वेबसाइट से रेवेन्यू जेनरेट करने के लिए चाहे वह वेबसाइट ओनर हो या फिर ऑनलाइन वीडियोस की वेबसाइट हो या फिर ऑनलाइन ऑडियो कंटेंट की वेबसाइट हो. 200 गूगल ने कुछ रूल्स एंड रेगुलेशंस बना रखी है जो कि आपको फॉलो करनी पड़ती है. अगर आपको गूगल ऐडसेंस की पॉलिसी के बारे में जानना है तो आप सर्च कर सकते हैं गूगल पर ही जाकर. गूगल adsense पॉलिसी गाइडलाइंस.